Compartir
तख़्तापलट: तीसरी दुनिया मे (en Hindi)
Vijay Prashad
(Autor)
·
Leftword Books
· Tapa Blanda
तख़्तापलट: तीसरी दुनिया मे (en Hindi) - Prashad, Vijay
Más barato Libro Nuevo
Importado
Envío: 16 a 21 días háb.
S/ 193,92S/ 87,26
Más rápido Libro Nuevo
Importado
Envío: 12 a 17 días háb.
S/ 204,62S/ 92,08
Costos de importación incluídos en el precio ✅
Reseña del libro "तख़्तापलट: तीसरी दुनिया मे (en Hindi)"
'अपने हीरो एदुआर्दो गालेआनो की तरह विजय प्रशाद ने सच के बयान को भी मनभावन बना दिया है। यह काम आसान नहीं है पर वे उसे सहजता से कर ले जाते हैं।' - रोजर वॉटर्स, पिंक फ्लॉयड/'इस किताब को पढ़ते हुए अमेरिकी दादागिरी द्वारा उम्मीदों पर कुठाराघात की अनगिनत घटनाएं दिमाग में कौंध जाती हैं।' - इवो मोरालेस आइमा, बोलीविया के पूर्व राष्ट्रपति/तख़्तापलट मार्क्सवादी पत्रकारिता और इतिहास लेखन की शानदार परंपरा में लिखी गई है। इसमें बेहद पठनीय और सहज कहानियां हैं, जो अमेरिकी साम्राज्यवाद के बारे में खुलकर बताती हैं लेकिन व्यापक राजनीतिक मुद्दों के बारीक पहलुओं को भी छोड़ती नहीं। वैसे एक तरह से यह किताब निराशा से भरी है और महान लक्ष्यों की पराजय का शोकगीत प्रस्तुत करती है। इसमें आपको कसाई मिलेंगे और भाड़े के हत्यारे भी। इसमें जनांदोलनों और लोकप्रिय सरकारों के ख़िलाफ़ साज़िश रचे जाने तथा तीसरी दुनिया के समाजवादियों, मार्क्सवादियों और कम्युनिस्टों की उस देश द्वारा हत्या करवाए जाने के वृत्तांत हैं, जहां स्वतंत्रता महज एक मूर्ति है। लेकिन इन सबके बावजूद तख़्तापलट संभावनाओं, उम्मीदों और सच्चे नायकों की किताब है। इनमें से एक हैं बुरकीना फ
- 0% (0)
- 0% (0)
- 0% (0)
- 0% (0)
- 0% (0)
Todos los libros de nuestro catálogo son Originales.
El libro está escrito en Hindi.
La encuadernación de esta edición es Tapa Blanda.
✓ Producto agregado correctamente al carro, Ir a Pagar.