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Vibhajan Ki Vibhishika Aur Gandhiji (विभाजन की विभीषिका (en Hindi)
Arya, Rakesh Kumar (Autor)
·
Diamond Pocket Books Pvt Ltd
· Tapa Blanda
Vibhajan Ki Vibhishika Aur Gandhiji (विभाजन की विभीषिका (en Hindi) - Arya, Rakesh Kumar
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Reseña del libro "Vibhajan Ki Vibhishika Aur Gandhiji (विभाजन की विभीषिका (en Hindi)"
मुस्लिम तुष्टिकरण देश को गांधीजी की देन है। जिसके कारण देश को विभाजन की पीड़ा से गुजरना पड़ा। स्वामी श्रद्धानंद जी महाराज और सावरकर जी जैसे राष्ट्रवादी क्रांतिकारियों के बार-बार टोकने के उपरांत भी गांधी जी अपनी नीतियों से बाज नहीं आये। वह निरंतर मुस्लिम तुष्टिकरण का खेल खेलते रहे। करने के लिए गांधी जी को हिंदुओं के हितों की बलि चढ़ाने की आवश्यकता अनुभव हुई तो उन्होंने हिंदूहितों को खुशी-खुशी बलि चढ़ा दिया। इसके चलते उनकी तीखी आलोचनाएं की गई। परंतु उन्होंने इस प्रकार की आलोचनाओं का कोई संज्ञान नहीं लिया। उनकी इस प्रकार की नीतियों के कारण देश को विभाजन की विभीषिका का सामना करना पड़ा।राकेश कुमार आर्य जादा जब भी उनका मुस्लिम समाज से सामना हुआ और उन्हें खुश करने का प्रयास किया गया है कि गांधी जी की हिंदू विरोधी मानसिकता और मुसलमानों को संतुष्ट करने की अनीतिपरक नीतियों के कारण देश का विभाजन हुआ। इस विभाजन के लिए सावरकर जी या स्वामी श्रद्धानंद जी या आर्य समाज या हिंदू महासभा या किसी भी हिंदूवादी संगठन अथवा राजनीतिक दल को दोषी ठहराना आत्मप्रवंचना के अतिरिक्त कुछ नहीं। विद्वान लेखक का मानना है कि गांधी जी की अहिंसा
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El libro está escrito en Hindi.
La encuadernación de esta edición es Tapa Blanda.
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